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महाभारत फाग : कृष्णा कुंती संवाद

( जब कृष्ण को कर्ण की अर्जुन को मारने की प्रतिज्ञा की खबर लगी )


पाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


माधव कियो विचार अगर, कल अर्जुन मारा जायेगा। 

द्रोपदी को मैंने दिया वचन, जो वह झूठा हो जायेगा। 

सोई भईया रे ! धर्मराज कों भेद बतायो। 

कुंती लयी बुलाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


पाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


श्री कृष्ण कुंती से बोले, बुआ सुनो हमारी है। 

ब्रह्ममहूर्त में जाओ कर्ण ढिंग मुश्किल अटकी भारी है। 

सोई भईया रे ! पाँचो बाण लेओ माँग दान में। 

तो पारथ बच जाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


पाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


सुनके वचन कृष्ण के चल दई, भारी चिन्ता छाई है। 

करती पश्चाताप जाये रही, नीर नैन भर लाई है। 

सोई भईया रे ! प्यार मात को दे न सकी मैं। 

गँगा दियो बहाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


पाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


मेरे जैसी मात अभागिन, कुंवारे कर्ण कुंवर जायो। 

जब से बिछड़ो कुंवर हमारो, तबसे मुख नाय दिखलाओ 

सोई भईया रे ! तरह तरह के सोच उठ रहे 

नैनन नीर बहाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 


पाई हो, यह खबर कृष्ण सुन पाई। 

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