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Bhadawari Faag : मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला | पारंपरिक होली लिरिक्स | देहाती होली गीत Lyrics

मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला


मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला

कोई खाड भरो बैलन पर दीखे, मीलन लो बछड़ा भारी कोई बदन-बाह में घोडा-गधह, खिच्चर की पाँतें नियरी कोई यहाँ उहाँ नरियन थरियन पै ऊठन को ठकठेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला कोई भारी मंडी लगी हींग कहुँ चकिया चक्का अटूट धरे कोई कम्बर दरी विसरातिन कहूँ ईंगुर के ढेर भरे कोई कहुँ ठठेरे बेच रहे हैं लोटा थरिया बेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला कोई साधु संत कहूँ एकठोरे कहूँ भिखमंगन के डेरा कोई लोग कहूँ सड़कन पै घूमें कहूं लुगाइन के घेरा कोई कहे यदुवीर भीड़ अति भारी, है रहो रेलमपेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला कोई उलटी धार बहे जमुना की विसरातिन को घेरा है कोई सौ मंदिर जहाँ बने अनौखे, घण्टा शंख मज़ीरा है कोई बिटिया से लरका कर दीनों, शंकर जी को खेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला मेला हो चल देखो बटेश्वर मेला कवि / लेखक - श्री यदुवीर सिंह भदौरिया गांव - शिवनगर कोरथ




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